"समझ पाओ तो बहुत सुलझी हुई हूँ मैं,
ना समझ पाओ तो बहुत उलझी हुई हूँ मैं...!"
Wednesday, 30 July 2014
दिल
"दिल मासूम है
इससे शिकवा नही
चाह बैठा तो चाह बैठा
चुन बैठा तो चुन बैठा
इसकी आदत नही
मोल-भाव की
इश्क करता है ये
व्यापार नही
ये जो जानता कि
इश्क में दर्द ही होगा
तो कहिये
क्यूँ आख़िर फिर ये
शौंक-ए-इश्क पालता...!"
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